ऊना की हवा में जहर प्रदूषण से घुट रहा दम, पटाखों, वाहनों व पराली जलाने से पैदा धुएं से बढ़ी दिक्कतें

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पिछले दिनों से जिला ऊना में धुंआ रहित धुंध के छाने के कारण कई लोगों को सांस लेने में परेशानी आ रही है। बच्चों, बुजुर्गों व सांस और दमे के मरीजों को सुबह-शाम घर से बाहर न निकालने को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने गाइडलाइन जारी कर दी है और लोगों को वायु प्रदूषण से बचने के लिए 95-मास्क पहनने की अपील की है। बता दें कि धुंआ रहित धुंध से सबसे ज्यादा उन लोगों को परेशानी हो रही है, जिनके सांस, फेफड़ों व आंखों से संबंधित बीमारियां है।

ऐसे लोगों को घर से बाहर निकलने व सफर के दौरान सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वायु प्रदूषण एक बड़ा और गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार प्रदूषित हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों के संपर्क में आने से हर साल करीब सात मिलियन लोगों की मौत होती है। जिससे स्ट्रोक, हृदय रोग, फेफड़ों का कैंसर, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज और निमोनिया सहित सांस संक्रमण जैसी बीमारियां होती हैं। उद्योग, परिवहन, कोयला विद्युत संयंत्र और घरेलू ठोस ईंधन का उपयोग वायु प्रदूषण में प्रमुख कारण हैं।

पंजाब में पराली जलाने से बढ़ी समस्या

शहर के वुद्धिजीवी लोगों के अनुसार पंजाब में किसानों द्वारा धान की फसल के बाद बची पराली को जलाने से पैदा हुआ धुंधा व दिवाली के उपलक्ष्य पर लोगों द्वारा धुंधाधुंंध चलाए गए पटाखों व आतिशबाजी के कारण वायु प्रदूषण की समस्या पैदा हुई है। जिला ऊना में सितंबर माह के मध्यम दिनों में बारिश के बाद अब तक बारिश नहीं हुई है, जिससे लोगों को सूखे के साथ अब वायु प्रदूषण भी परेशान करने लगा है।

ऊना में एयर क्वालिटी इनडेक्स 82

प्रदूषण विभाग ऊना के अनुसार जिला ऊना का एयर क्वालिटी इनडेक्स(एक्यूआई) 82 है, जो सामान्य है। 100 से कम एक्यूआई होना एक सामान्य बात है। अगर 100 से ज्यादा एक्यूआई है, जो चिंता का विषय होता है। सूखे के कारण व हवाओं के चलने से नीचले स्थानों पर धुंआ व गैसें नीचले स्तर पर रुक जाती है। जिससे क्षेत्र में लोगों को वायु प्रदूषण के कारण समस्याएं आ सकती है।

डॉक्टरों की सलाह, दोपहर 12 से चार बजे तक खोले घरों की खिड़कियां

क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के चिकित्सा अधीक्षक डा. संजय मनकोटिया ने अपनी एडवाइजरी में कहा कि वायु प्रदूषण से बचने के लिए घर की खिड़कियां दोपहर में 12 से चार बजे के बीच खोलें। सुबह-शाम बच्चों, बुजुर्गों व सांस के मरीज घर से बाहर निकलने से परहेज करें। आंखों को साफ पानी से धोएं तथा गुनगुने पानी से गरारे करें, पोषक आहार लें और पर्याप्त पानी पीएं। गंभीर प्रदूषण वाले क्षेत्रों में एन-95 मास्क पहनें।

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