पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने शुक्रवार को लोकसभा में शून्य काल के दौरान तमिलनाडु में डीएमके सरकार के हिंदुओं और सनातन धर्म के खिलाफ बढ़ते भेदभाव के माहौल पर गंभीर चिंता जताई। श्री ठाकुर ने मदुरै की उस शर्मनाक घटना को पुरजोर तरीके से उठाया, जहां हिंदू भक्तों पर तमिलनाडु पुलिस ने सिर्फ इसलिए बेरहमी से लाठीचार्ज किया, क्योंकि वे भगवान मुरुगन के छह घरों में से एक पवित्र थिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर पारंपरिक कार्तिगई दीपम जलाने की मांग कर रहे थे। डीएमके राज में तमिलनाडु राज्य बदकिस्मती से सनातन धर्म के खिलाफ एक सिंबल बन गया है। तमिलनाडु सरकार के मंत्री खुलेआम सनातन धर्म के खिलाफ गलत बयान देते हैं। जब प्रधानमंत्री ने अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा की, तो इसी डीएमके सरकार ने इसका कड़ा विरोध किया।
मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच के थिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर कार्तिगई दीपम जलाने की इजाज़त देने के साफ निर्देशों के बाद भी राज्य सरकार ने जानबूझकर कोर्ट के आदेश को नजऱअंदाज़ किया। अनुराग सिंह ठाकुर ने प्रश्न उठाया कि हिंदुओं के साथ उनके ही देश में इतना खुला भेदभाव क्यों किया जा रहा है, क्या तमिलनाडु में अब अपने धर्म का पालन करना जुर्म है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके सरकार से देश भर के करोड़ों हिंदू भक्तों से तुरंत माफी मांगने की मांग की। उन्होंने केंद्र सरकार से तमिलनाडु में हिंदू परंपराओं पर हो रहे सुनियोजित अत्याचार का संज्ञान लेने और भारत के हर कोने में हिंदुओं के धार्मिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की।





